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नाइट शिफ्ट जॉब: लेबर कोड में आपके अधिकार

LiveRec Editorialअपडेट किया गया

नाइट शिफ्ट जॉब यानी देर शाम और रात के घंटों का काम, जो सपोर्ट सेंटर, लॉजिस्टिक्स, अस्पताल और सिक्योरिटी में आम है। व्यावसायिक सुरक्षा संहिता रोज के आठ घंटे की सीमा रखती है, सहमति से कराए ओवरटाइम का दोगुना वेतन देती है, और शाम 7 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले महिलाओं के काम के लिए उनकी सहमति मांगती है।

एक नजर में

  • व्यावसायिक सुरक्षा संहिता, 2020 रोज के काम को आठ घंटे तक सीमित करती है; अंतराल और स्प्रेड-ओवर उपयुक्त सरकार तय करती है।
  • ओवरटाइम का भुगतान वेतन की दर से दोगुना होता है, और ओवरटाइम के लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी है।
  • आधी रात के बाद चलने वाली शिफ्ट के लिए साप्ताहिक छुट्टी और घंटे गिनने का अलग नियम है।
  • महिलाएं अपनी सहमति और सरकार की तय सुरक्षा शर्तों के साथ रात में काम कर सकती हैं।

काम के घंटों पर व्यावसायिक सुरक्षा संहिता क्या कहती है?

धारा 25 के अनुसार किसी कर्मचारी से एक दिन में आठ घंटे से ज्यादा काम करने को नहीं कहा जा सकता और न ही करने दिया जा सकता, और रोज के काम की अवधि उन अंतरालों और स्प्रेड-ओवर के भीतर होनी चाहिए जो उपयुक्त सरकार अधिसूचित करे। कौन-सी सरकार लागू होगी, केंद्र या राज्य, यह नियोक्ता पर निर्भर है। साप्ताहिक सीमा के लिए पढ़ें काम के घंटे और ओवरटाइम।

ओवरटाइम का भुगतान कैसे होता है?

धारा 27 के अनुसार ओवरटाइम के काम का भुगतान वेतन की दर से दोगुना होना चाहिए, और परंतुक के अनुसार कर्मचारी से ओवरटाइम उसकी सहमति से ही कराया जा सकता है। उपयुक्त सरकार ओवरटाइम के कुल घंटे भी तय कर सकती है। रात में अतिरिक्त काम करें तो रोस्टर और सैलरी स्लिप में घंटे दर्ज कराएं।

आधी रात के बाद चलने वाली शिफ्ट में क्या खास है?

व्यावसायिक सुरक्षा संहिता की धारा 28 उस शिफ्ट के बारे में है जो आधी रात के बाद तक चलती है। ऐसे कर्मचारी के लिए पूरे दिन की साप्ताहिक छुट्टी का मतलब है शिफ्ट खत्म होने से शुरू होने वाले लगातार 24 घंटे। आधी रात के बाद किए गए घंटे पिछले दिन में गिने जाते हैं। इस नियम से तारीख बदलने के कारण रात के कर्मचारी का आराम नहीं छिनता।

क्या महिलाएं नाइट शिफ्ट कर सकती हैं?

हां, कुछ शर्तों के साथ। धारा 43 कहती है कि महिलाओं को सुबह 6 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद उनकी सहमति से रखा जा सकता है, बशर्ते सुरक्षा, छुट्टी और काम के घंटों की वे शर्तें हों जो उपयुक्त सरकार तय करे। नियोक्ता से पूछें कि वह कौन-से सुरक्षा इंतजाम देता है, जैसे आने-जाने का साधन। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें महिलाओं के लिए जॉब।

नाइट शिफ्ट ऑफर में क्या देखें?

बातक्यों जरूरी है
शिफ्ट का समय और रोस्टरआपकी रात, आराम और साप्ताहिक छुट्टी लिखी होनी चाहिए
ओवरटाइम की शर्तेंओवरटाइम के लिए आपकी सहमति चाहिए और भुगतान कानून की दर पर होता है
आने-जाने और सुरक्षारात में सफर के लिए क्या मिलेगा, यह पूछें
नियोक्ता कौन हैकानूनी नाम और पता, जिसे आप खुद खोज सकें
वेतन और भुगतान की तारीखइन्हें अपॉइंटमेंट लेटर में मांगें

पढ़ें व्यावसायिक सुरक्षा संहिता की बुनियादी बातें, और स्वीकार करने से पहले नियोक्ता की जांच कैसे करें देखें।

नियोक्ता नियम तोड़े तो क्या करें?

पहले नियोक्ता को लिखित में बताएं और अपने काम के घंटों का रिकॉर्ड रखें। अपने क्षेत्र की शिकायतें राज्य के श्रम विभाग देखते हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय की वेबसाइट (labour.gov.in) पर उसकी सेवाएं दी गई हैं। राज्यों के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने राज्य के अधिसूचित नियम भी देखें।

नकली नाइट शिफ्ट ऑफर से कैसे बचें?

रात में "घर बैठे काम" वाले उन जॉब से सावधान रहें जो रजिस्ट्रेशन फीस या OTP मांगें, और उन मैसेज से जो आपको किसी चैट ऐप पर बुलाएं। पढ़ें घर बैठे काम और नकली जॉब ऑफर। पैसे चले गए हों तो 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी, टैक्स या इमिग्रेशन सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपकी स्थिति अलग हो सकती है। किसी लाइसेंस प्राप्त वकील या योग्य सलाहकार से परामर्श करें।

अंग्रेजी संस्करण: नाइट शिफ्ट जॉब