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क्या जॉब के लिए रजिस्ट्रेशन फीस मांगना फ्रॉड है?

LiveRec Editorialअपडेट किया गया

भारत: आधिकारिक चैनल, 30 अक्टूबर 2026 की स्थिति। आधिकारिक लिंक 30 अक्टूबर 2026 को जांचे गए।

आमतौर पर हां, रजिस्ट्रेशन फीस मांगना जॉब फ्रॉड है। असली नियोक्ता आपको नौकरी देने के लिए पैसे नहीं लेता। फर्जी रिक्रूटर रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ट्रेनिंग, यूनिफॉर्म, ID कार्ड, लैपटॉप या "फाइल" चार्ज मांगते हैं और फिर और मांगते जाते हैं। वेरीफाइड ऑफर और जॉइनिंग की तारीख से पहले कोई पैसे मांगे, तो भुगतान न करें।

ठगी कैसे चलती है

  1. कोई जॉब ऑफर की जाती है, अक्सर किसी मशहूर कंपनी या सरकारी जैसी पोस्ट की।
  2. आपका नाम "कन्फर्म" करने के लिए छोटी पहली फीस मांगी जाती है।
  3. फिर किट, मेडिकल जांच या "रिफंडेबल" डिपॉजिट के नाम पर और चार्ज आते हैं।
  4. पैसे देने के बाद संपर्क बंद हो जाता है, या पैसे मांगने का कोई नया कारण सामने आ जाता है।

लोग पैसे क्यों दे देते हैं

रकम छोटी से शुरू होती है, दस्तावेज आधिकारिक दिखते हैं और संदेश में जल्दबाजी का दबाव होता है। ठग मानकर चलते हैं कि आप सोचेंगे कि पैसे तो खर्च हो ही चुके हैं, तो एक बार और दे दें। ऐसा न करें।

इसके बजाय क्या करें

  • जवाब दें कि आप कंपनी से ऑफर की पुष्टि करेंगे और कुछ नहीं देंगे।
  • मैसेज में दिए नंबरों की जगह कंपनी की अपनी वेबसाइट इस्तेमाल करें। देखें कंपनी की जांच कैसे करें।
  • अगर पोस्ट सरकारी नौकरी की बताई गई है, तो विभाग की आधिकारिक सूचना खुद जांचें।
  • अनजान रिक्रूटर के पेमेंट लिंक, क्यूआर कोड या UPI रिक्वेस्ट का इस्तेमाल न करें।

असली खर्च कैसा दिखता है

कुछ कोर्स या परीक्षाओं में फीस होती है। यह उस संस्था को दी जाती है जिसे आपने खुद चुना, रसीद के साथ, और यह उस रिक्रूटर की शर्त नहीं होती जिसने आपसे पहले संपर्क किया।

अगर आप पैसे दे चुके हैं

तुरंत कदम उठाएं: पहले घंटे में क्या करें। 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in का इस्तेमाल करें, जैसा Sanchar Saathi पैसे गंवाने वालों को बताता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फीस "रिफंडेबल" है। क्या यह सुरक्षित है? नहीं। रिफंड का वादा इस ठगी की स्क्रिप्ट का हिस्सा है।

क्या नंबर की रिपोर्ट की जा सकती है? हां, देखें Chakshu और शिकायत।

फीस के बारे में आधिकारिक स्रोत क्या कहते हैं

  • नेशनल करियर सर्विस (NCS) अपने पोर्टल पर कहती है कि रजिस्ट्रेशन, जॉब आवेदन या इंटरव्यू प्रक्रिया के किसी भी चरण पर वह कोई फीस नहीं लेती, और नौकरी चाहने वालों को नियोक्ताओं को फीस नहीं देनी चाहिए।
  • वेतन के बारे में श्रम और रोजगार मंत्रालय की हैंडबुक कहती है कि नियोक्ता मजदूरी संहिता, 2019 में अधिकृत कटौतियों के अलावा वेतन से कोई कटौती नहीं कर सकता। हैंडबुक में अनुपस्थिति, नुकसान या हानि, अग्रिम या ऋण की वसूली, कर्मचारी की सुनवाई के बाद लगाए गए जुर्माने, और स्वीकार किए गए आवास या सुविधा के लिए कटौतियां गिनाई गई हैं, और कहा गया है कि कटौती वेतन अवधि के वेतन के 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

पैटर्न, स्टेप बाय स्टेप

  1. आपको ऐसा ऑफर मिलता है जो आपने नहीं मांगा था, या आप ऐसी पोस्ट पर आवेदन करते हैं जिसमें आसान काम के लिए ज्यादा वेतन है।
  2. कोई "फीस" सामने आती है: रजिस्ट्रेशन, ID कार्ड, ट्रेनिंग, सिक्योरिटी डिपॉजिट, सॉफ्टवेयर, कूरियर या मेडिकल।
  3. आपके पैसे देने के बाद दूसरी फीस आ जाती है, या संपर्क गायब हो जाता है।
  4. शिकायत करने पर आपको बताया जा सकता है कि कोई टास्क पूरा करने के बाद फीस "रिफंडेबल" है।

एक सीधा नियम

पैसा नियोक्ता की ओर से आपके पास आना चाहिए। अगर पैसे का पहला लेन-देन आपसे उनकी ओर हो रहा है, तो रुकें और जांच करें। देखें कंपनी की जांच कैसे करें।

आम गलतियां

  • "छोटी" रकम है, इसलिए दे देना। ठगी में छोटी रकमें बार-बार मांगी जाती हैं।
  • कंपनी से अलग नाम वाले निजी खाते या UPI ID में भुगतान करना।
  • रसीद पर भरोसा करना। रसीदें आसानी से नकली बन जाती हैं।
  • यह सोचना कि फीस ठीक है क्योंकि "HR" ने ID कार्ड भेजा है।

इसके बजाय क्या करें

रुकें। बहस न करें। अगर नंबर दिख रहा है, तो भेजने वाले को Chakshu पर रिपोर्ट करें। अगर आपने पैसे दिए हैं, तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें और अपने बैंक को बताएं। देखें जॉब फ्रॉड में पैसे चले गए।

लोग और क्या पूछते हैं

क्या कोई फीस जायज होती है?

आधिकारिक भर्ती संस्थाएं सरकारी परीक्षाओं की अपनी आवेदन फीस अपनी साइटों पर खुद प्रकाशित करती हैं। यह किसी रिक्रूटर द्वारा मांगी गई निजी "रजिस्ट्रेशन" फीस से अलग है। देखें सरकारी नौकरी का नोटिफिकेशन कैसे पढ़ें।

क्या प्लेसमेंट एजेंसी मुझसे पैसे ले सकती है?

ऐसा मानकर न चलें। नियम लिखित में मांगें और एजेंसी की जांच करें। विदेश की नौकरियों के लिए देखें रिक्रूटिंग एजेंट की जांच।

स्रोत

  • National Cyber Crime Reporting Portal and helpline 1930, as named on Sanchar Saathi: https://cybercrime.gov.in (accessed 30 Oct 2026)
  • Sanchar Saathi, Chakshu (Report Suspected Fraud Communication): https://sancharsaathi.gov.in (accessed 30 Oct 2026)
  • National Career Service, home page and FAQ: https://www.ncs.gov.in (accessed 31 October 2026)
  • Ministry of Labour and Employment, Compliance Handbook for Employers under the Four Labour Codes (Central Government sphere): https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/02/83978455025732b99b0165def80ab171.pdf (accessed 31 October 2026)
  • Sanchar Saathi, Chakshu and TAFCOP: https://sancharsaathi.gov.in (accessed 31 October 2026)

अगला कदम: पैसे दे दिए हैं तो अभी कदम उठाएं।

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी, टैक्स या इमिग्रेशन सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपकी स्थिति अलग हो सकती है। किसी लाइसेंस प्राप्त वकील या योग्य सलाहकार से परामर्श करें।