ले-ऑफ क्या है?
ले-ऑफ वह स्थिति है जब नियोक्ता बिजली, कोयले या कच्चे माल की कमी या मशीन खराब होने जैसे कारणों से कर्मचारी को काम नहीं दे पाता, और कर्मचारी मस्टर रोल पर बना रहता है। औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत ले-ऑफ किए गए कर्मचारी को मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 50% के बराबर मुआवजा मिलता है।
उदाहरण
मशीन खराब होने से एक प्लांट एक हफ्ते के लिए बंद हो जाता है। रोल पर मौजूद कर्मचारियों का ले-ऑफ होता है और उस अवधि के लिए उन्हें मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 50% मिलता है, जैसा मंत्रालय की हैंडबुक में बताया गया है।
और जानकारी
देखें छंटनी और औद्योगिक संबंध संहिता।
संबंधित शब्द और गाइड
स्रोत
- Ministry of Labour and Employment, Compliance Handbook for Employers under the Four Labour Codes, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/02/83978455025732b99b0165def80ab171.pdf, लाइव आधिकारिक पेज, पाठकों के लिए लिंक; लिंक जांचा गया 2026-10-31
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी, टैक्स या इमिग्रेशन सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपकी स्थिति अलग हो सकती है। किसी लाइसेंस प्राप्त वकील या योग्य सलाहकार से सलाह लें।