भारत में अंतर-राज्यीय प्रवासी मजदूरों को अब कौन-से अधिकार हैं?
भारत की व्यावसायिक सुरक्षा संहिता के तहत अंतर-राज्यीय प्रवासी मजदूर वह व्यक्ति है जिसे एक राज्य में, सीधे या ठेकेदार के जरिए, दूसरे राज्य के प्रतिष्ठान में काम के लिए रखा गया हो, या जो खुद आकर वहां काम पा गया हो, और जिसकी कमाई अधिसूचित वेतन सीमा तक हो। नियोक्ता को सालाना यात्रा भत्ता देना होता है।
एक नजर में
- सीधे रखे गए, ठेकेदार के जरिए आए, या खुद पलायन करके आए, सभी कर्मचारी कवर हैं।
- यात्रा भत्ता: साल में एक बार एकमुश्त रकम, अपने गृह स्थान तक आने-जाने की यात्रा के लिए।
- प्रावधान उन प्रतिष्ठानों पर लागू होते हैं जिनमें ऐसे 10 या ज्यादा कर्मचारी हों।
- सरकारें राशन के विकल्प और पोर्टेबिलिटी देंगी, और टोल-फ्री हेल्पलाइन दे सकती हैं।
अंतर-राज्यीय प्रवासी मजदूर कौन है?
व्यावसायिक सुरक्षा संहिता की परिभाषा के लिए प्रतिष्ठान में रोजगार और प्रति माह 18,000 रुपये से ज्यादा नहीं या सरकार की अधिसूचित ऊंची रकम तक का वेतन जरूरी है। सीधा और ठेकेदार वाला, दोनों रास्ते शामिल हैं, और खुद आने वाले कर्मचारी भी।
नियोक्ता को क्या करना होता है
- यात्रा भत्ता (धारा 61): हर ऐसे कर्मचारी को हर साल गृह स्थान तक आने-जाने के किराए के लिए एकमुश्त रकम दें। न्यूनतम सेवा, कितने समय पर और किस श्रेणी की यात्रा, यह सरकार के नियम तय करते हैं।
- प्रतिष्ठान के रिटर्न में अंतर-राज्यीय प्रवासी कर्मचारियों की संख्या बताएं।
- कल्याण सुविधाएं दें और बाकी कर्मचारियों की तरह वेतन दें।
सरकारें क्या देती हैं
- गृह राज्य या काम वाले राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली इस्तेमाल करने का विकल्प (धारा 62)।
- भवन-निर्माण कर्मचारियों के उपकर फंड के लाभों की पोर्टेबिलिटी।
- टोल-फ्री हेल्पलाइन, जो सरकार दे सकती है (धारा 63)।
- असंगठित कर्मचारियों का राष्ट्रीय डेटाबेस, जिसमें प्रवासी मजदूर स्व-घोषणा और आधार से खुद रजिस्टर कर सकता है।
- रोजगार खत्म होने के बाद प्रवासी मजदूर के खिलाफ पुराने कर्ज की वसूली के लिए कोई अदालती कार्यवाही नहीं (धारा 65)।
ठेका मजदूरों से जुड़ा ओवरलैप
जहां ठेकेदार प्रवासी मजदूर देता है, वहां ठेका मजदूरों के लिए लाइसेंस और मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारियां भी लागू होती हैं। मंत्रालय के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के अनुसार नियोक्ता गृह स्थान और काम की जगह के बीच साल में एक बार आने-जाने का यात्रा भत्ता देता है।
कर्मचारियों के लिए
अपना अपॉइंटमेंट लेटर संभालकर रखें, यात्रा भत्ते के बारे में लिखित में पूछें और ई-श्रम पर रजिस्टर करें। देखें ई-श्रम और अंतर-राज्यीय प्रवासी मजदूर।
स्रोत
- The Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 (official text), https://www.labour.gov.in/static/uploads/2025/07/36fcfa5d8e6b9145e282bf7b950d6c47.pdf, checked 2026-10-31
- Ministry of Labour and Employment, Compliance Handbook for Employers under the Four Labour Codes (Central Government sphere), https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/02/83978455025732b99b0165def80ab171.pdf, checked 2026-10-31
- Ministry of Labour and Employment, FAQs on Labour Codes (Dec 2025), https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/01/de4758d5bfeffc456d7de97a801891b0.pdf, checked 2026-10-31
- PIB, India's Labour Reforms: Simplification, Security, and Sustainable Growth (21 Nov 2025), https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2192524®=3&lang=2, checked 2026-10-31
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