भारत में सामाजिक सुरक्षा संहिता गिग वर्कर को क्या देती है?
भारत की सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 पहली बार गिग वर्कर, प्लेटफॉर्म वर्कर और एग्रीगेटर को परिभाषित करती है, और केंद्र सरकार को उनके लिए योजनाएं अधिसूचित करने देती है। एग्रीगेटर को सालाना टर्नओवर का 1% से 2% योगदान देना है, जो ऐसे कर्मचारियों को दी जाने वाली रकम के 5% से ज्यादा नहीं होगा, सरकार की अधिसूचित तारीख से।
एक नजर में
- परिभाषाएं: एग्रीगेटर, गिग वर्कर, प्लेटफॉर्म वर्कर (धारा 2)।
- योजनाएं (धारा 114): जीवन और दिव्यांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा, क्रेच।
- एग्रीगेटर का योगदान: सालाना टर्नओवर का 1% से 2%, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर को दी गई या देय रकम के 5% से ज्यादा नहीं।
- योगदान शुरू होने की तारीख: केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जानी है।
परिभाषाएं
- एग्रीगेटर: डिजिटल बिचौलिया या मार्केटप्लेस जो किसी सेवा के खरीदार या उपयोगकर्ता को विक्रेता या सेवा-प्रदाता से जोड़ता है।
- गिग वर्कर: वह व्यक्ति जो पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध से बाहर रहकर काम करता है या किसी कार्य-व्यवस्था में हिस्सा लेकर उससे कमाता है।
- प्लेटफॉर्म वर्कर: वह व्यक्ति जो प्लेटफॉर्म वर्क में लगा है।
कोड के अनुसार योजनाएं किन चीजों को कवर कर सकती हैं
केंद्र सरकार जीवन और दिव्यांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा और क्रेच पर योजनाएं बना सकती है। फंडिंग केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, एग्रीगेटर के योगदान, कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व फंड या दूसरे स्रोतों से आ सकती है। एक सामाजिक सुरक्षा कोष प्रस्तावित है।
अकेले कोड से क्या तय नहीं होता
1% से 2% के दायरे में योगदान की दर, एग्रीगेटर की श्रेणियां और शुरू होने की तारीख केंद्र सरकार को अधिसूचित करनी हैं। हम कोई शुरुआती तारीख नहीं बताते, क्योंकि हमें प्राथमिक स्रोत में कोई तारीख नहीं मिली। labour.gov.in देखें। मंत्रालय के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के अनुसार योगदान सामाजिक सुरक्षा कोष में जमा होता है और उसे केंद्र सरकार अधिसूचित करती है, राज्य नहीं।
रजिस्ट्रेशन
ई-श्रम पोर्टल असंगठित और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर को स्व-घोषणा के आधार पर रजिस्टर करता है, और मंत्रालय बड़े प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर के जुड़ने की जानकारी देता है। PIB के अनुसार आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लाभ राज्यों के बीच पोर्टेबल होंगे।
व्यावहारिक सलाह
वर्कर: अगर आप गिग या प्लेटफॉर्म वर्क करते हैं तो ई-श्रम पर रजिस्टर करें और अपना मोबाइल नंबर लिंक रखें। प्लेटफॉर्म: अधिसूचित योजनाओं, श्रेणियों और दरों पर नजर रखें। अगर आप स्टाफिंग कॉन्ट्रैक्ट के जरिए काम करते हैं, तो जांचें कि कहीं आप फिक्स्ड-टर्म रोजगार में तो नहीं हैं। देखें गिग वर्कर।
स्रोत
- The Code on Social Security, 2020 (official text), https://www.labour.gov.in/static/uploads/2025/07/b0620548445580767b5c0d18c95c26f7.pdf, checked 2026-10-31
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- PIB, India's Labour Reforms: Simplification, Security, and Sustainable Growth (21 Nov 2025), https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2192524®=3&lang=2, checked 2026-10-31
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- Ministry of Labour and Employment, Annual Report 2025-26, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/06/4b7ec0e8206aa4860576d6f75b432e97.pdf, checked 2026-10-31
- e-Shram portal (Ministry of Labour and Employment), https://eshram.gov.in, checked 2026-10-31
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी, टैक्स या इमिग्रेशन सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपकी स्थिति अलग हो सकती है। किसी लाइसेंस प्राप्त वकील या योग्य सलाहकार से परामर्श करें।