टाइम टू हायर क्या है?
टाइम टू हायर उम्मीदवार के आवेदन करने (या पहली बार संपर्क में आने) से लेकर ऑफर स्वीकार करने तक के दिनों की संख्या है। बताएं कि आप कौन-सा शुरुआती बिंदु लेते हैं। इससे आप उम्मीदवार की तरफ से देख पाते हैं कि आपकी प्रक्रिया में कितना समय लगता है, और पदों या स्रोतों की तुलना कर पाते हैं।
इसकी गणना कैसे करें
टाइम टू हायर = उम्मीदवार के ऑफर स्वीकार करने की तारीख घटा उसके आवेदन करने (या पहली बार संपर्क में आने) की तारीख। किसी अवधि में आपने जिन उम्मीदवारों को नियुक्त किया, उनके आंकड़े का औसत निकालें। अगर कुछ धीमी नियुक्तियां औसत को ऊपर खींच रही हों, तो माध्यिका (मीडियन) भी देखें।
टाइम टू हायर या टाइम टू फिल
इन दोनों में अक्सर गड़बड़ हो जाती है।
| माप | कब शुरू होता है | कब खत्म होता है | यह क्या बताता है |
|---|---|---|---|
| टाइम टू हायर | उम्मीदवार आवेदन करता है या उससे संपर्क होता है | वह उम्मीदवार स्वीकार करता है | एक उम्मीदवार के लिए आपकी प्रक्रिया की रफ्तार |
| टाइम टू फिल | जॉब खोली या मंजूर की जाती है | ऑफर स्वीकार हो जाता है | पद कितने समय खाली रहता है |
दूसरे माप के लिए टाइम टू फिल देखें।
यह क्यों मायने रखता है
लंबी प्रक्रिया में उम्मीदवार हाथ से निकल जाते हैं। अच्छे उम्मीदवारों के पास अक्सर दूसरे ऑफर होते हैं, इसलिए हर बेकार पड़ा चरण जोखिम बढ़ाता है। चरण के हिसाब से टाइम टू हायर देखने पर पता चलता है कि उम्मीदवार कहाँ इंतजार करते हैं, जैसे इंटरव्यू और फैसले के बीच।
LiveRec पर यह कैसे दिखता है
उम्मीदवार इन चरणों से गुजरते हैं: आवेदन किया, शॉर्टलिस्ट किया गया, इंटरव्यू चल रहा है, ऑफर दिया गया और नियुक्त। नियोक्ता इन्हीं चरणों के बदलावों से देख सकता है कि हर कदम में कितना समय लगता है।
उदाहरण
उम्मीदवार दिन 1 पर आवेदन करता है और दिन 21 पर स्वीकार करता है; टाइम टू हायर 20 दिन है।