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नॉन-कंपीट क्लॉज क्या है?

LiveRec Editorialअपडेट किया गया

नॉन-कंपीट क्लॉज कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के बाद एक अवधि तक प्रतिस्पर्धी के लिए काम करने या प्रतिस्पर्धी कारोबार शुरू करने से रोकता है। भारत में भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 27 व्यापार पर रोक लगाने वाले समझौतों को शून्य मानती है, और अदालतों ने आम तौर पर नौकरी के बाद के नॉन-कंपीट लागू नहीं किए हैं। नौकरी के दौरान की पाबंदियों को अलग तरह से देखा जाता है।

उदाहरण

ऑफर लेटर में लिखा है कि नौकरी छोड़ने के बाद दो साल तक आप किसी प्रतिस्पर्धी को जॉइन नहीं कर सकते। नौकरी के बाद की ऐसी रोक को भारत में आमतौर पर लागू कराना मुश्किल होता है, लेकिन गोपनीयता की जिम्मेदारियां और नौकरी के दौरान किसी और के लिए काम न करने की बाध्यता फिर भी लागू हो सकती हैं। किसी खास क्लॉज के लिए कानूनी सलाह लें।

और जानकारी

देखें एम्प्लॉयमेंट बॉन्ड और नोटिस पीरियड।

संबंधित शब्द और गाइड

स्रोत

  • India Code, Government of India, https://www.indiacode.nic.in, लाइव आधिकारिक पेज, पाठकों के लिए लिंक; लिंक जांचा गया 2026-10-31
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी, टैक्स या इमिग्रेशन सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं और आपकी स्थिति अलग हो सकती है। किसी लाइसेंस प्राप्त वकील या योग्य सलाहकार से सलाह लें।